प्रदेश के बड़े शहरों के लिए जो मास्टर प्लान तैयार हो रहे हैं, उनमें कुछ नए नियम भी जोड़े जा रहे हैं। इनमें सबसे खास यह है कि मास्टर प्लान का जिस दिन भी नोटिफिकेशन जारी होगा, इसके साथ ही विकास प्रोजेक्ट भी लागू कर दिए जाएंगे। इन प्रोजेक्ट्स पर निर्माण एजेंसियों को अगले दिन से ही काम शुरू करना होगा। यदि किसी कारण छह माह तक काम अटका रहता है तो स्कीमें स्वत: ही लैप्स हो जाएंगी। नगरीय विकास विभाग ने विकास संबंधी योजना के नियमों में संशोधन कर प्रस्ताव राज्यपाल के पास मंजूरी के लिए भेज दिया है। मंजूरी मिलते ही ये नियम लागू हो जाएंगे।
कोर्ट में मामला लंबित होने पर नहीं रुकेगा काम नई व्यवस्था के तहत यदि जमीन का मामला कोर्ट में लंबित है और फैसला आने में देरी होती है, तो काम रोका नहीं जाएगा। उस पर अंतिम फैसला मान्य होगा। योजना में जो भूमि विवादित है उसका संरक्षित हिस्सा संबंधित को दे दिया जाएगा।